The power of thought

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Sunday, February 13, 2011

सम्पूर्ण राष्ट्रगान

(1)
 जन-गण-मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता |
पंजाब  सिंध गुजरात मराठा द्राविड उत्कल बंग 
विन्ध्य हिमाचल जमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग 
तब सुबह नामे जागे,तव शुभ आशीष माँगे
गाए तव जय गाथा |
जनगण मंगल दायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता !
जय हे,जय हे,जय हे,
जय,जय,जय,जय, हे !!
(2)
अहरह तव आहान प्रचारित 
सुनि तव उदार वाणी 
हिन्दू,बौद्ध,सिख,जैन,पारसिक 
मुसलमान,ख्रिस्तानी 
पूरब पश्चिम आसे तव सिंहासन पासे 
प्रेम हार हय गाथा |
जनगण ऐक्य विधायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता !
जय हे,जय हे,जय हे,
जय,जय,जय,जय,जय हे !! 
(3)
पतन-अभ्युदय-बन्धुर पन्था 
युग युग धावित यात्री 
हे चिर सारथि,तव रथचक्रे 
मुखरित पथ दिनरात्री
दारुण विप्लव माझे 
तव शंखध्वनि बाजे
संकट दुःखत्राता |
जनगण पथ परिचायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता !
जय हे,जय हे,जय हे,
जय,जय,जय,जय,जय हे !! 
(4)
घोर तिमिर घन निबिड निशीथे 
पीड़ित मुर्छित देशे 
जाग्रत छिल तव अविचल 
मंगल नतनयने अनिमेषे |
दुःस्वप्ने आतंके रक्षा करिले अंके
स्नेहमयी तुमि माता |
जनगण दुःखत्रायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता !
जय हे,जय हे,जय हे,
जय,जय,जय,जय,जय हे !! 
(5)
रात्रि प्रभातिल,उदिल रात्रि-छबि
पूर्व उदयगिरी भाले
गाहे विहंगम,पूर्ण समीरन
नव जीवन-रस डाले |
तव करुणारनरागे निद्रित भारत जागे 
तव चरने नत माथा |
जय जय जय हे,जय राजेश्वर 
भारत भाग्य विधाता !
जय हे,जय हे,जय हे,
जय,जय,जय,जय,जय हे !! 

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