वो अपने पिल्ले के लिए हजारों की खरीददारी कर निकले , और अपने पिल्ले को गोद में भर लिया । तभी उन्हें एहसास हुआ कोई उनका महंगा सूट खींच रहा है । पलटे तो देखा एक भूखा इंसानी बच्चा था, जिसे देख गोद में लेटा उनका बच्चा चीखने लगा । अपने बच्चे को रोता देख उनने उस भूखे को एक थप्पड़ जड़ दिया , जिससे वो गिर , भूँकने लगा ।
it's a blog all about things ..we just cross in our life , realize that these are worth but keep placing a blind eye on them.. it is "Power of Thought"
The power of thought
Friday, January 17, 2014
Monday, January 6, 2014
वेश्या
वह चलती है इतराती सी
इठलाती , मदमाती सी ।
छिड़ती , नित ही जाती है ,
दिलफेकों कि आवारगी , वो
हँस हँस सहते जाती है ॥
वो रोज ही घर से जाती है
औ अहले सुबह ही आ पाती है ।
धंधे पे उसके आपत्ति है
इन कर्णधार रखवालों को ,
क्योंकि , वो लाज़ बेच सुख पाती है ॥
लेकिन बेच खुद को ही तो
पाल , परिवार वो अपना पाती है ।
गो खुद को वो समझाती है कि ,
जो रहना जिन्दा मज़बूरी है तो
कुछ भी करना पड़ता है ॥
लेकिन पथरायी , नुंचायी देह की
वह रूह सवाल कर जाती है ,
"जो देह बेचने पर अधिकार नहीं तो ,
खरीदने पर , है क्यों सम्मान यहाँ" ??
वह देह नुचवाते जाती है
और पेटों को भरते जाती है ।
आँखों में उपहास भर वो
हम सब को देखती जाती है
और पूछने पर नाम , खुद को
Tuesday, December 24, 2013
अवसर
उस जंगल में आया वो नया जानवर था ,जो खुद के ईमान कि दुहाई देता हुआ व जंगल को बदलने का दावा करता आया था । बाकि जानवरों ने उस पर ध्यान नही दिया और वह भूखा ही नारे लगाते हुआ भटकने लगा । दस दिनों बाद शेर उसके सामने से गुजरा उसकी भूखी आँखों को देख शेर को अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने का एक उपाय समझ आया औरवह उसकी ओर अपना जूठा फेंक चलता बना । पंद्रह घंटों के इन्तेजार का बाद उसने यहाँ देखा , फिर वहाँ और जूठी रोटी खाने में लग गया ।
Subscribe to:
Posts (Atom)
